ये श्वेत हैं, ये शाम हैं ये राख हैं , ये भस्म हैं ये काल भी , महाकाल भी ये आकर भी , निराकार भी ll1ll धुआं , यज्ञ के अग्नि से धुआं , जीवन के मुक्ति से धुआं , शिव के भक्ति में धुआं , शिव के शक्ति से ll2ll एक आती साँस से शुरू, एक जाती साँस से खत्म दो साँसों के दरमियाँ ये ज़िन्दगी भी एक धुआ ll3ll